भजन संहिता 4

1 हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे;

2 हे मनुष्यों, कब तक मेरी महिमा का अनादर होता रहेगा?

3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है;

4 काँपते रहो और पाप मत करो;

5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ,

6 बहुत से हैं जो कहते हैं, “कौन हमको कुछ भलाई दिखाएगा?”

7 तूने मेरे मन में उससे कहीं अधिक आनन्द भर दिया है,

8 मैं शान्ति से लेट जाऊँगा और सो जाऊँगा;

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हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा;

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attribution Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd., 2019 (ब्रिज कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस प्रा. लि., 2019)
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